Verse 1:
माँ तेरी ममता की छाया में,
हर दर्द भी मीठा लगता है।
तेरी मुस्कान की रौशनी में,
अंधेरा भी जगमग लगता है।
Chorus:
माँ... तू है दुआओं का दरिया,
तेरे बिना सब अधूरा सा लगता है।
तेरी गोद है जैसे जन्नत,
जहाँ दिल सुकून से रहता है।
Verse 2:
तेरे हाथों का वो खाना,
अब भी याद आता है रोज़।
तेरी लोरी की वो मिठास,
सुनते ही भर आते हैं जज़्बात।
Bridge:
जब भी गिरा, तूने उठाया,
तेरे प्यार ने हौंसला दिलाया।
दुनिया चाहे लाख सिखाए,
पर माँ तू ही सबसे सच्चा पाठ पढ़ाए।
Chorus (Repeat):
माँ... तू है दुआओं का दरिया,
तेरे बिना सब अधूरा सा लगता है।
तेरी गोद है जैसे जन्नत,
जहाँ दिल सुकून से रहता है।
Outro:
तेरे जैसा कोई नहीं माँ,
तेरा प्यार ही सबसे बड़ा इनाम।
जब तक ये साँसे चलती रहें,
तेरे नाम से जुड़ी रहे हर शाम।