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[अंतरा 1]
चाँद भी रोया आज रात भर,
तेरे बिना सूना है ये शहर।
हर एक मोड़ पे तेरा नाम है,
तेरी यादों का ही बस जाम है।
[कोरस]
टूटे हुए सपनों की तरह,
बिखर गया मैं भी खामोश सा।
तेरे बिना अधूरा हूँ मैं,
जैसे बिना धड़कन ये दिल मेरा।
[अंतरा 2]
तेरी हँसी अब भी गूंजती है,
ख़्वाबों में तू रोज़ मिलती है।
पर हकीकत इतनी बेरहम है,
जहाँ तू नहीं, वो दुनिया ग़म है।
[कोरस दोबारा]
टूटे हुए सपनों की तरह,
बिखर गया मैं भी खामोश सा।
तेरे बिना अधूरा हूँ मैं,
जैसे बिना धड़कन ये दिल मेरा।
[ब्रिज]
तू थी मेरी हर खुशी की वजह,
अब हर खुशी भी लगती सजा।
तेरी एक झलक को तरस रहा हूँ,
बस तुझमें ही तो मैं अब भी बचा।
[अंत]
कोई भी दवा काम ना आई,
तेरी जुदाई सबसे बड़ी चोट लाई।
अब तुझसे नहीं खुद से गिला है,
सच कहूँ, मैं अब भी तेरा ही सिला हूँ।
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