किस्मत का मारा एक लड़का था बेचारा,
हर सुबह उठे तो लगे कोई नया सितारा।
कभी जूते फट जाएं, कभी छाता टूट जाए,
बारिश हो या धूप — हर बार लूट जाए।
एक दिन बैठा वो ठंडी आइसक्रीम खाने,
लोग देख रहे थे, सब मुस्कुराने।
अचानक पेंट नीचे गिर गई झट से,
हंसी उड़ी चौक में, आवाज़ हर हट से।
शर्म से भागा तो पीछे कुत्ता पड़ा,
गटर में गिरा — पूरा कीचड़ चढ़ा।
निकला तो दो और कुत्ते तैयार,
भौंकते हुए बोले “आ गया हमारा यार!”
भागते-भागते साइकिल से भिड़ गया,
गिरते ही बोला — “अब तो मैं मिट गया!”
उठा फिर से, तीन कुत्ते पीछे दौड़े,
लड़का बोला — “बस करो भगवान, अब न औड़े!”
अंत में बोला — “ज़िंदगी तू क्या सिखा रही!”,
कुत्ते बोले — “बस आइसक्रीम दे, फिर जा रही!”