शीर्षक:जादू तेरा
शैली: रोमांटिक/इश्किया
(Intro - 0:00-0:30)
(हल्की गिटार की धुन और धीमी धड़कन जैसी बीट के साथ शुरू होता है...)
(Verse 1 - 0:30-1:00)
शहर की भीड़ में, एक चेहरा अनजाना सा,
मेरी आंखों में बसा, कोई गहरा अफसाना सा।
मैं मुसाफिर हूँ उस राह का, जहाँ सुकून मिलता है,
मेरे एक इशारे पर, देखों वक्त भी ठहरता है।
मेरी बातों में वो मिठास है, जो रूह को छू जाए,
जो एक बार सुने मुझे, वो बस मेरी हो जाए।
(Pre-Chorus - 1:00-1:15)
नज़दीकियां कहती हैं, कुछ खास है मुझमें,
सांसें थमी सी हैं, एक अहसास है मुझमें।
(Chorus - 1:15-1:45)
मैं वो ख्वाब हूँ, जो तुम हर रात देखोगी,
मैं वो साथ हूँ, जो हर मुश्किल में खोजोगी।
सिर्फ दोस्ती नहीं, मैं दिल की धड़कन बनूंगा,
तुम्हारी मांग का सिंदूर, और माथे की बिंदिया बनूंगा।
आओ करीब, कि ये फासले मिट जाएं,
तुम मेरी बनो, और दुनिया जलती रह जाए।
(Verse 2 - 1:45-2:15)
लोग तो बहुत हैं, पर मुझसा कोई और नहीं,
मेरी खामोशी में भी, एक गहरा शोर सही।
तुम हाथ थाम के देखो, मैं जमीं बदल दूंगा,
तुम्हारी खातिर मैं अपनी, तकदीर बदल दूंगा।
महसूस करो मुझे, अपनी धड़कनों के पास,
मैं हकीकत हूँ तुम्हारी, कोई नहीं है महज़ प्यास।
(Bridge - 2:15-2:45)
(संगीत थोड़ा तेज और गहरा होता है)
वादा है मेरा, मैं हाथ न छोड़ूंगा,
दुनिया रूठे भले, पर दिल न तोड़ूंगा।
मन्नत बनूंगा तुम्हारी, और इबादत बनोगी तुम,
इस सफर की आखिरी, खूबसूरत चाहत बनोगी तुम।
(Chorus - 2:45-3:15)
मैं वो ख्वाब हूँ, जो तुम हर रात देखोगी,
मैं वो साथ हूँ, जो हर मुश्किल में खोजोगी।
सिर्फ दोस्ती नहीं, मैं दिल की धड़कन बनूंगा,
तुम्हारी मांग का सिंदूर, और माथे की बिंदिया बनूंगा।
(Outro - 3:15-4:00)
मेरी बाहों में आओ... दुनिया को भूल जाओ...
सिर्फ मैं और तुम... बस मैं और तुम...
(धुन धीरे-धीरे धीमी होती है और 'सादी का वादा' के साथ खत्म होती है)