सुन्ना मोर कहानी, कहाँ ले मैं निकले हौं।
छोटे शहर के लड़का, बड़े सपना लेके निकले हौं।
जे मन ह बोलत रहिन 'नोहे तोर बस के बात', आज ओ मन ह शांत हे।
मोर मेहनत ह बोलथे जोर से, जेकर आवाज ह बुलंद हे।
रात-रात भर जागे हौं, सिर्फ कागज़ अउ कलम संग।
नहीं भागे हौं, मैं तो लड़े हौं, अपन सब झमेला संग।
मोर खून पसीना ह बोलथे, 'ये लाइफ ह जेन्युइन हे'।
दुनिया के भीड़ म, मोर रस्ता ह 'वन-इन-ए-मिलियन' हे।