सुनो एक कहानी, भूले बिसरे युग की,
एक राक्षस राजा, जो है सबसे अलग,
रावण नाम उसका, शक्ति में अद्वितीय,
संसार पर शासन, रौद्र रूप में जीवित।
शिव के तांडव पर जो नाचे, भस्मासुर की छाया,
उसके रौद्र नृत्य में, बसी है सृष्टि की काया।
आसमानों में है गूंज, उसके कदमों की थाप,
रावण का राक्षस जादू, सभी को डोर पे बांध।
दशानन की महिमा, गाथाएं सुनाती,
संसार के सुतों की, वो अद्भुत कहानी है बुनाती।
रावण का तांडव, जैसे हो समुद्र का भूकंप,
नृत्य में शक्ति की धार, अजेय उसका संकल्प।
भस्माशुर की छाया, उसे ना रोक सके,
संसार का रावण, सब पर कहर बरपा सके।
संग्राम में छुपा है, उसकी हर एक साजिश,
शिव की नगरी में, बसा है उसकी दुष्टता का काज।
लेकिन भूल न जाना, उसकी भी एक कथा,
भगवान राम के हाथों, मिटा उसकी सत्ता।
रावण का तांडव, जैसे हो समुद्र का भूकंप,
नृत्य में शक्ति की धार, अजेय उसका संकल्प।
भस्माशुर की छाया, उसे ना रोक सके,
संसार का रावण, सब पर कहर बरपा सके।
काली रात के साए में, उसकी छवि विकराल,
सारे देवता मिलकर, करते हैं उसका मलाल।
पर सच्चाई की ज्योति, हमेशा करती उजाला,
राम की शक्ति से, रावण का हुआ विहाला।
रावण का तांडव, जैसे हो समुद्र का भूकंप,
नृत्य में शक्ति की धार, अजेय उसका संकल्प।
भस्माशुर की छाया, उसे ना रोक सके,
संसार का रावण, सब पर कहर बरपा सके।
तो सुनो ये कहानी, भक्ति और शक्ति की,
रावण के तांडव में, छिपी है सच्चाई की।
हर शक्ति के पीछे, एक और दुनिया छिपी,
रावण का तांडव, है एक अनूठी कृति।