Title: हरियाणवी धड़कन (Haryanvi Dhadkan)
[Verse 1]
हरियाणा की धरती, छोरे पे नाज करे,
गले में गमछा, स्वैग पे राज करे।
मिट्टी की खुशबू, खून में जान है,
माहौल गरम, ये छोरे तूफान है।
गोल्ड की चैन, जूती गजब स्टाइल,
ट्रैक्टर पे घूमे, छोरा रहे वाइल्ड।
माहरा ठाठ बात, दुनिया में मशहूर,
बचपन से ही बना, हर ड्रीम का गुरूर।
[Hook/Chorus]
यो हरियाणवी बीट, तू कान में बजा,
जरा डीजे को बोल, आवाज़ जरा बढ़ा।
पगड़ी का मान और धड़कन का दम,
हरियाणा के छोरे, कभी पीछे न हम!
[Verse 2]
खेतों में पसीना, बॉडी बनी स्टील,
डंबल की जगह, उठाएं ट्रैक्टर का व्हील।
घर में घी-मक्खन, बाहर एटीट्यूड,
बात पे डटे, सीधा रखते रुख।
चाहे हो सिटी या गाँव का बवाल,
हरियाणवी छोरे, गेम में हमेशा लाल।
हुक्का की तान और जुबान की धार,
दुश्मन के लिए छोड़े ना एक भी वार।
[Bridge]
लाठी की चोट, ये छोरे मशहूर,
हर कदम पे दिखाए, रॉ एटीट्यूड।
सपने ऊंचे, दिल गहराई का समंदर,
हर एक बीट पे छोड़े छाप अपना अंदर।
[Hook/Chorus]
यो हरियाणवी बीट, तू कान में बजा,
जरा डीजे को बोल, आवाज़ जरा बढ़ा।
पगड़ी का मान और धड़कन का दम,
हरियाणा के छोरे, कभी पीछे न हम!
[Outro]
ये स्टाइल हरियाणवी, ये जोश अलग लेवल,
जितने भी ट्रेंड्स आएं, छोरे हमेशा रेवल।
बोल्ट जैसी स्पीड, ठेठ दिल का हाल,
हर बीट पे छा जाएं, यो हरियाणवी ताल!