बीड़ी वाला भैया… क्या कर रहे हो रे?
गली-गली घूमे, धुआं उड़ा रहे हो रे…
बीड़ी वाला भैया… ओ भैया ओ…
जवानी का जलवा, सबको दिखा रहे हो रे…
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(अंतरा 1):
चौक-चौराहा, मंडी बजार,
भैया की बीड़ी का चलता व्यापार,
लड़कपन में ही शुरू कर दिए ठाठ,
धुआं उड़ाते कहते – “भाई बात ही बात।”
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(अंतरा 2):
चाय की दुकान पे, बैठे हैं चार यार,
बीड़ी वाला भैया बने सबके स्टार,
कहते – "जिंदगी छोटी, मज़ा लेना ज़रूरी,
बीड़ी के कश में है दुनिया पूरी!"
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(ब्रिज/मजेदार लाइन):
मा बोले – "भैया ये आदत छुड़ा दो,
बीड़ी नहीं, अब लड्डू खा लो!"
भैया बोले – "मम्मी मत डांटो,
बीड़ी के बिना मैं कैसे गाऊँ गाना तो?"