मेरी झोपड़ी के भाग, आज खुल जाएंगे,
राम आएँगे, राम आएँगे आएँगे, राम आएँगे।
मेरी झोपड़ी के भाग, आज खुल जाएंगे,
राम आएँगे ॥
राम आएँगे तो, आँगना सजाऊँगी,
दीप जलाके, दिवाली मनाऊँगी।
मेरे जन्मों के सारे, पाप मिट जाएंगे,
राम आएँगे… मेरी झोपड़ी के भाग, आज खुल जाएंगे, राम आएँगे ॥
राम झूलेंगे तो, पालना झुलाऊँगी,
मीठे-मीठे मैं, भजन सुनाऊँगी।
मेरी ज़िंदगी के, सारे दुख मिट जाएंगे,
राम आएँगे… मेरी झोपड़ी के भाग, आज खुल जाएंगे, राम आएँगे ॥
मैं तो रुचि-रुचि, भोग लगाऊँगी,
माखन-मिश्री मैं, राम को खिलाऊँगी।
प्यारी-प्यारी राधे, प्यारे श्याम संग आएँगे,
राम आएँगे… मेरी झोपड़ी के भाग, आज खुल जाएंगे, राम आएँगे ॥
मेरा जनम सफल, हो जाएगा,
तन झूमेगा और, मन गीत गाएगा।
राम सुंदर मेरी, किस्मत चमकाएंगे,
राम आएँगे… मेरी झोपड़ी के भाग, आज खुल जाएंगे, राम आएँगे ॥