श्याम मोहन आ जा रे,
मेरे मन मंदिर में आजा रे ।
तेरे बिना सूना जीवन है,
मेरे नैनों में बसा जा रे ॥
यमुना किनारे बंसी बजाई,
सब गोपियों को मोह लिया ।
राधा के संग रस रचाया,
प्रेम सुधा से जग भर दिया ॥
श्याम मोहन आ जा रे,
मेरे मन मंदिर में आजा रे ॥
माखन चुराकर हँसते-हँसते,
मैया यशोदा का मन जीता ।
गोकुल का तू प्यारा नंदलाला,
हर दिल में अपना घर जीता
[Male Vocal]