

Prompt / Lyrics
--- "ख़ामोशी की आवाज़" चाँद भी आज कुछ ख़ामोश है, तारों में भी अब वो जोश नहीं। तेरे बिना हर लम्हा अधूरा है, दिल में अब कोई होश नहीं। तू जो गया, सब कुछ रुक गया, साँसें भी अब तुझसे पूछें ज़िया। हर मोड़ पर बस तेरा नाम है, तन्हाई से अब मेरा काम है।
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No
5/11/2025