चलो चलें रंगों की नगरी,
जहाँ नाचे पीली गगरी।
नीला कहे – मैं हूँ सबसे ठंडा,
लाल बोले – मेरा रंग तो ज़िंदा!
🟢 हरा रंग पेड़ों से आया,
संग हवा के झूमा-गाया।
गुलाबी हँसी, नारंगी मुस्काया,
सतरंगी इंद्रधनुष बन आया!
🌈 काले-सफेद ने किया मेल,
बोले – हम भी खेलें खेल!
भूरे ने पहना टोपी प्यारी,
नीलम बोली – मैं सबसे न्यारी!
🐦 चिड़िया आई रंग सजाने,
फूलों के सुर संग गाने।
तितली बोली – मैं पंखों वाली,
रंगों से हूँ सबसे निराली!
🎨 रंगों से हम खेल बनाएँ,
गाओ, कूदो, मस्ती लुटाएँ।
हर दिन रंगीन बन जाए,
चलो मिलकर गीत ये गायें!
🪅 मिलकर करें कुछ रंग की बात,
नफ़रत को दें प्यार की मात।
सब रंग साथ रहें हमेशा,
खुशियाँ बाँटे, यही संदेशा!