आंसू मेरे भी बह जाने दो,
शराब में घुलकर, बह जाने दो।
ग़म जो दिल में दबे हुए हैं,
उन्हें आज भुला जाने दो।
टूटा हूं मैं, बिखर जाने दो,
दरिया के पानी में
खो जाने दो।
जो लफ़्ज़ अधूरे हैं,
उन्हें पूरा होने दो।
आंसू मेरे भी बह जाने दो,
ग़म जो दिल में दबे हुए हैं,
उन्हें आज भुला जाने दो।
लिखना चाहता हूं दिल की बातें,
इस लंबी और तन्हा रात में।