(Verse 1)
तेरे ख्यालों में खोया, मैं रातों की आग में जलता हूँ,
खामोशी की तन्हाई में, तेरा नाम लेता हूँ।
तेरे बिना ये दिल मेरा, बेकरार है हर लम्हा,
क्यों तुझसे दूर होकर, मैं जीना चाहता हूँ?
(Chorus)
बिछड़कर भी, तू मेरे करीब है,
आँखों के सागर में, तेरा ही नसीब है।
हँसते-हँसते भी, दिल मेरा है रो रहा,
बिछड़कर भी, तू मुझमें बसा हुआ है।
(Verse 2)
गुज़रे लम्हों की खुशबू, अब भी मेरे संग खिलती है,
तेरे बिना ये ज़िंदगी, जैसे ग़ज़ल बिना सुर लगती है।
ख्वाबों में तेरा चेहरा, हर रात सजता है,
फिर क्यों खुद से मैं, इन यादों में खो जाता हूँ?
(Chorus)
बिछड़कर भी, तू मेरे करीब है,
आँखों के सागर में, तेरा ही नसीब है।
हँसते-हँसते भी, दिल मेरा है रो रहा,
बिछड़कर भी, तू मुझमें बसा हुआ है।
(Bridge)
तेरे बिना जो रूप, अधूरी-सी नजर आती है,
तुझसे ही तो मैंने, मोहब्बत की हर एक कहानी पाई है।
हर दर्द में तेरा एहसास बसता है,
तेरे नाम से ही मेरा हर ख्वाब सजेता है।
(Chorus)
बिछड़कर भी, तू मेरे करीब है,
आँखों के सागर में, तेरा ही नसीब है।
हँसते-हँसते भी, दिल मेरा है रो रहा,
बिछड़कर भी, तू मुझमें बसा हुआ है।
(Outro)
दिल की इस वीरानी में, तेरा साया बसा है,
जब तक धड़कता है दिल, तेरा नाम सजा है।
बिछड़कर भी, तुझसे मैं जुड़ता रहूँगा,
इस प्यार की मोहब्बत में, तेरा ही जिक्र होगा।
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इन बोलों में भावनाएँ और गहराई को बढ़ाया गया है। आशा है कि ये आपके दिल को छू जाएँगे!