चलें सखा उस पावन धरती, जहाँ गंगा-यमुना की धारा,
75 जिलों का वैभव न्यारा, अपना यूपी सबसे प्यारा।
पश्चिम से पूरब तक घूमें, हर जिले की शान दिखाएँ,
आओ तुमको आज हम, उत्तर प्रदेश की सैर कराएँ।
(वर्ध - रैप/फास्ट पेस)
शुरुआत करें सहारनपुर से, लकड़ी की नक्काशी भाई,
मेरठ के हैं खेल निराले, बागपत की वीर विदाई।
मुजफ्फरनगर का गुड़ है मीठा, शामली की अपनी बात,
गाजियाबाद और नोएडा में, चमक रही है शहरी रात।
बुलंदशहर का खुर्जा मिट्टी, हापुड़ के पापड़ मशहूर,
अलीगढ़ का ताला चमके, मथुरा में भक्ति का नूर।
हाथरेस की हींग महकती, आगरा का पेठा और ताज,
फिरोजाबाद की काँच की चूड़ी, सर चढ़ कर बोले ये राज।
(ब्रिज)
एटा, कासगंज, मैनपुरी, खेती-बाड़ी की शान,
मुरादाबाद का पीतल चमके, दुनिया करती मान।
रामपुर का चाकू तीखा, बरेली का सुरमा और झुमका,
पीलीभीत की बांसुरी बाजे, बदायूं में गूँजे ठुमका।
(वर्ध 2)
शाहजहांपुर के वीरों को नमन, लखीमपुर के जंगल घने,
सीतापुर में नेमिषारण्य, जहाँ ऋषि-मुनि तप में मने।
हरदोई और उन्नाव निराले, लखनऊ की नजाकत यार,
नवाबों का शहर है अपना, कबाबों का है यहाँ प्यार।
रायबरेली, अमेठी घूमो, सुल्तानपुर की मिट्टी लाल,
प्रतापगढ़ का आँवला खाओ, सेहत बनेगी बेमिसाल।
प्रयागराज में संगम पावन, कुंभ का मेला भारी है,
कौशाम्बी और फतेहपुर की, अपनी ही तैयारी है।
(वर्ध 3)
कानपुर का चमड़ा बोले, झांसी में लक्ष्मी बाई,
जालौन, हमीरपुर, महोबा ने, बुंदेलखंड की आन बचाई।
ललितपुर और बाँदा में है, किलों का इतिहास दबा,
चित्रकूट में राम बसे हैं, मंदाकिनी की साफ़ हवा।
अयोध्या में मंदिर राजत, सरयू तट पे दीपोत्सव,
बस्ती, गोंडा, बहराइच में, अवध का सारा वैभव।
श्रावस्ती, बलरामपुर घूमो, सिद्धार्थनगर का काला नमक,
गोरखपुर का गोरखधाम, और टेराकोटा की चमक।
(फिनाले)
देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, पडरौना की ओर,
आजमगढ़, मऊ, बलिया बागी, यहाँ क्रांति का शोर।
जौनपुर की इमरती मीठी, गाजीपुर वीरों की खान,
वाराणसी के घाट निराले, महादेव का है वरदान।
मिर्जापुर का कालीन भैया, सोनभद्र में सोना खान,
भदोही की बुनाई चमके, चंदौली है धान की शान।
सत्तर और पांच जिले ये, एक सूत्र में बंधे हुए,
सबसे सुंदर, सबसे ऊँचा, हम यूपी के पले हुए!