Verse 1:
तेरे बिना जो लम्हा बीता,
जैसे कोई साया तक ना रहा।
हर दुआ में तुझे माँगा मैंने,
फिर भी तू क्यों मेरा ना हुआ?
Chorus:
तेरे बिना अधूरा हूँ मैं,
सांसें हैं पर जिंदा नहीं।
हर खुशी है वीरान सी,
तू नहीं तो क्या बचा कहीं?
Verse 2:
तेरी यादें हैं तकिये पे गिरी,
आँखों से बरसते हैं ख्वाब।
तेरी हँसी अब सज़ा लगती है,
दिल में बाकी हैं तेरे जवाब।
Bridge:
वो वादा, वो कसमें, सब जूठ थे क्या?
या तेरा जाना ही मुक़द्दर था मेरा?
Final Chorus:
तेरे बिना अधूरा हूँ मैं,
छांव हूँ पर कोई धूप नहीं।
लौट आ बस इक बार तू,
इस बार तुझसे कुछ भी ना कहूँ।
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