[Verse 1]
तू खिड़की पे धूप सी
धीरे से गिरती है
मैं कॉपी की लाइन पे
तेरा ही नाम लिख दूँ
ये कमरा भी हँसता है
जब तू यहाँ दिखती है
हर साधी सी शाम को
तुम यादों से रंग दूँ
[Pre-Chorus]
तेरे जाने के बाद भी
मेरी कुर्सी तेरी तरफ मुड़ी
जितने सवाल थे दिल में
सब तेरे कंधे पे ही रुके पड़े
[Chorus]
तू ही तू
साँसों में तू
आँखों के कागज़ पे तू
बिन कहे जो बातें हैं
वो सब तुझसे जुड़ती हैं
तू ही तू
रातों में तू
ख्वाबों की धुन बनके तू
दूर रहे या पास रहे
दिल तेरे ही सुर में है (ओ-ओ)
[Verse 2]
तेरे चलने की आदत
फर्श पे ठहर जाती
जो बातें तू बोल न पाई
आवाज़ से भी आगे
मैं चुपचाप सुनता हूँ
तेरे ख़्वाबों की हलचल
तू थक जाए दुनिया से
आ जाना मेरे कंधे
[Pre-Chorus]
सारे टूटे हुए दिन भी
तेरे स्पर्श से जुड़ जाते हैं
जितनी भीड़ हो शहर में
तेरे साथ में कम लगते हैं
[Chorus]
तू ही तू
साँसों में तू
आँखों के कागज़ पे तू
बिन कहे जो बातें हैं
वो सब तुझसे जुड़ती हैं
तू ही तू
रातों में तू
ख्वाबों की धुन बनके तू
दूर रहे या पास रहे
दिल तेरे ही सुर में है (ओ-ओ)
[Bridge]
कह दे न बस एक बार
रुक जा अब ये इंतज़ार
मैं सारी उम्र यही पर
तेरा नाम ही जपूँ
गर तुझे लगे अँधेरा
मैं तेरा छोटा सा सवेरा
थोड़ा-सा और पास आ
मैं खुद से भी कट जाऊँ
[Chorus]
तू ही तू
साँसों में तू
आँखों के कागज़ पे तू
बिन कहे जो बातें हैं
वो सब तुझसे जुड़ती हैं
तू ही तू
रातों में तू
ख्वाबों की धुन बनके तू
दूर रहे या पास रहे
दिल तेरे ही सुर में है
दिल तेरे ही सुर में है (ओ-ओ, तू ही तू)