[इंट्रो – अलाप | बहुत नरम | ]
राधे… कृष्णा… गोविंदा… गोपाला…
राधे… कृष्णा… गोविंदा… गोपाला…(शांतिपूर्ण अलाप,)[अंतरा 1 | मध्यम गति |]
राधा के नैना, मधुर मुस्कान,
श्याम रंग से, रोशन जहान।
मुरली की तान, हृदय को छू जाए,
प्रेम सुधा में, जग सारा समाए।[रैप सेक्शन – संस्कृत मिश्रण | तेज बीट | ढोलक + मृदंग + हल्का सिंथ बेस]
श्रुणु कथा दिव्यां, राधा-श्यामा लीला,
मुरली-निनादे, प्रेम सुधा शील।नृत्यंती गोप्या: मधुरं रस-विलासे,
सूर्य-चंद्रौ साक्षी, आनंद प्रकाशे।अनवरतं रम्यम्, रास-विहारं शुभ्रम्,
जगन्मनोहरं गीतं, जयति माधवः शुभम्।[हुक – अलाप शैली | स्ट्रांग कॉयर | हारमोनियम + बांसुरी + कोयर]
राधा प्यारे श्याम… अमृत प्रेम गान,
राधा… कृष्णा… अनहद प्रेम धाम…[अंतरा 2 | खेल-खेल में मूड | मंजीरा + ढोलक + बांसुरी]
गोपियां झूमे, श्याम संग खेले,
नयनों में छुपे, प्रेम रस मेले।
मुरली की धुन, मन को भाए,
रात-दिन बस नाम सुनाए।[हुक – दोहराएं | मध्यम-तेज गति]
राधा प्यारे श्याम… अमृत प्रेम गान,
राधा… कृष्णा… अनहद प्रेम धाम…[अंतरा 3 | रोमांटिक–भक्ति | संतूर + बांसुरी + हारमोनियम]
राधा बिना श्याम अधूरा,
प्रेम बिना जीवन सूखा-सूखा।
हाथों में हाथ, चले रास राह,
अनंत रंगों में खोए साथ।[फाइनल हुक – भव्य अलाप | फुल ऑर्केस्ट्रेशन | ढोलक + मृदंग + बांसुरी + कोयर]
राधा प्यारे श्याम… अमृत प्रेम गान,
राधा… कृष्णा… अनहद प्रेम धाम…
राधा प्यारे श्याम… अमृत प्रेम गान,
राधा… कृष्णा… अनहद प्रेम धाम…[आउट्रो – फेड आउट अलाप | नरम अंत | बांसुरी + तानपुरा + मंजीरा]
राधे… कृष्णा… गोविंदा… गोपाला…
राधे… कृष्णा… गोविंदा… गोपाला…