"Yeh geet hai un veeron ke naam,
Jinhone humein azaadi di — apni jaan dekar!"
वंदे मातरम्, वंदे मातरम्,
भारत माँ की जय बोलो हम।
तिरंगे की शान में,
हम सबका अभिमान है,
वंदे मातरम्, वंदे मातरम्।
धरती सोने जैसी, अम्बर है नीला,
हर कोने में बसता है, एक सपना दिलवाला।
सीमा पर जो खड़ा है, रखवाला है देश का,
हम सलाम करते हैं, हर उस वीर सिपाही का।
कभी भगत सिंह बनकर, फांसी को गले लगाया,
कभी गांधी बनकर, सत्य और अहिंसा सिखाया।
नेहरू ने दिखाया सपना, कलाम ने उड़ान दी,
इस मिट्टी ने हर युग में, नई पहचान दी।
हम बच्चे हैं पर हौसले, आसमान छूते हैं,
भारत माँ की सेवा में, सपने हम बुनते हैं।
पढ़ाई से, मेहनत से, नाम रौशन करेंगे,
जो देश ने हमें दिया, वो हम लौटाएंगे।
ना धर्म का फर्क, ना भाषा की दीवार,
हम सब एक हैं, यही है हमारा आधार।
हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई – सब भारत माँ के लाल,
मिलजुल कर ही बनता है, भारत देश कमाल।
चलो अब एक वादा करें,
भारत को आगे बढ़ाएँगे,
हर दिल में देश को रखकर,
सपनों को साकार बनाएँगे।
वंदे मातरम्, वंदे मातरम्,
भारत माँ की जय बोलो हम।
तिरंगे की शान में,
हम सबका अभिमान है,
वंदे मातरम्, वंदे मातरम्।
"हम भारतवासी हैं — और हमें गर्व है!"
"जय हिंद!"
"जय भारत!"