अब भजन को शांतिपूर्ण रूप से समाप्त करें, धीरे-धीरे लय कम करें)
राम कृपा से स्नेह तुम्हारा, सदा रहे हम पर उजियारा। तेरे दर पर शीश नवाएं, तेरी महिमा सदा गाएं ॥
हे बजरंगी, रक्षा करना, आशुतोष शर्मा पर कृपा करना। संकट हरो, दुख दूर करो, भक्तों के तुम रखवाले हो ॥
॥ जय बजरंगबली की जय ॥ ॥ जय श्री राम ॥