हम प्यार करीले बहुते अपना पत्नी से,
उनकर चलत रहे चक्कर केहू और से
हम देखत रहनी आशा उनकर घर आवे के
पर आवत रहली केहू और के संघ ओयो से,
हम टूट जात रहनी देख उनके आदत के,
आज देत बानी जान, हम उनके चक्कर से
हूं...हम... देत...बा.. नी.. जाआ.न उनके चक्कर से
उनका लागत रहे बानी हम अनोखा हो,
पर हमरो के मिलल बहुते मौका हो
हम रह गइनी शादी के वचन निभावे में,
उ रहली हरदम हमरा से साथ छोड़ावे में
दोष हमर नइखे त दोष उनकर नहीं ब,
केहू और के संघ जाली ओयो अपन प्यार बचाव में,
हमके पाता रहे लैका एगो उनके यूज़ काराता
हो कहियो साजा उनके मिली दिल लगावे से
आज देत बानी जान, हम उनके चक्कर से
हूं...हम... देत...बा.. नी.. जाआ.न उनके चक्कर से
जेतना हम डहकब रानी ओतना तुझे भी पड़ी हो,
काहेकी मरे के इच्छा हमरो न रहे हो
पर मर गइनी धनी तोहर आदत देख के,
जखम केतनो दिल के देबू राहुल माफ़ क दिहे
पर भगवान् के इंसाफ से कैसे बचबू हो
जेतना रोवा ताड़े राइटर विक्की ओतना तूहूं रोअबु हो
आज देत बानी जान एक दिन तूहूं देबू हो
जान तूहूं देबू हो