(इंट्रो)
हाँ, हाँ, उह
हम रुकते नहीं, हम हारते नहीं
हर मुश्किल हमें और मजबूत बनाती है
चलो, आगे बढ़ते हैं!
(पहला वर्स)
सुबह उठते ही, मेरे दिमाग में एक मिशन
कोई सीमा नहीं, कोई रोक नहीं, बस मेहनत का विजन
लोग शक करते हैं, पर मैं मेहनत में हूँ मगन
किस्मत के भरोसे नहीं, अपने दम पर बनाऊं अपना जतन
दर्द देखा, संघर्ष देखा, पर कभी खुद को तोड़ा नहीं
हर हार में सबक देखा, बहाने देने का सोचा नहीं
नीचे से ऊपर तक, हर सीढ़ी पर चढ़ता जाऊँगा
अफसोस नहीं, सिर्फ मेहनत, दुनिया को दिखाऊँगा
(कोरस)
मैं दौड़ता रहूँ, मैं बढ़ता रहूँ, कभी रुकूँगा नहीं
जो भी रोके, जो भी टोके, मैं झुकूँगा नहीं
सपने बड़े, हौसला बुलंद, जीतूंगा एक दिन
ना कोई हद, ना कोई डर, मेहनत मेरा धर्म!
(दूसरा वर्स)
खून, पसीना, आँसू—सब झोंक दिया इस खेल में
गम को सहा, दर्द को जिया, अब खड़ा हूँ इस मेले में
कोई शॉर्टकट नहीं, कोई चालाकी नहीं, बस मेहनत जारी
दबाव में जो चमके, वो हीरे की होती है तैयारी
लोग बातें करेंगे, शक करेंगे, पर मैं फोकस में रहूँगा
हर गिरावट एक तैयारी है, मैं लौटूंगा और चमकूँगा
अपनी कहानी खुद लिखूँगा, अपनी किस्मत खुद बनाऊँगा
मेहनत का दूसरा नाम हूँ, ये दुनिया को दिखाऊँगा
(ब्रिज)
हाँ, मैं मेहनत करूँ, मैं चमकूँ, मैं उठूँ, मैं बढ़ूँ
कोई नहीं रोक सकता, अब मेरी बारी
ना डर, ना नफरत, बस प्यार, बस जीत
अपनी राह खुद बनाऊँ, किसी का इंतज़ार नहीं
(कोरस – दोबारा)
मैं दौड़ता रहूँ, मैं बढ़ता रहूँ, कभी रुकूँगा नहीं
जो भी रोके, जो भी टोके, मैं झुकूँगा नहीं
सपने बड़े, हौसला बुलंद, जीतूंगा एक दिन
ना कोई हद, ना कोई डर, मेहनत मेरा धर्म!
(आउट्रो)
यह हर उस इंसान के लिए है जो सपने देखता है
कहाँ से आए हो, इससे फर्क नहीं पड़ता
अगर तुम में आग है—तो उसे जलाए रखो!
उठो और मेहनत करो!
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