**गीत: कृष्णा की लीला**
(Verse 1)
कान्हा तेरी बंसी की धुन,
मधुर धारा सी बहती है।
हरि नाम से पावन हो जाए,
जो भी सुन ले कहती है।
(Chorus
राधा का श्याम, वृंदा का मोहन,
नटखट तेरी लीला निराली।
श्यामसुंदर गोपाल मुरारी,
तेरी मूरत मन को भाए।
(Verse 2)
यमुना किनारे रास रचाए,
मधुबन में सब संग चले।
गोपियों संग खेला जो कान्हा,
हर दिल में वह बस चले।
(Chorus)
राधा का श्याम, वृंदा का मोहन,
नटखट तेरी लीला निराली।
श्यामसुंदर गोपाल मुरारी,
तेरी मूरत मन को भाए।
(Bridge)
माखन चुराए, बालक बन जाए,
नटखट प्यारा लाल तेरे जैसे।
दुख हरने वाला, प्रेम बरसाने वाला,
हे कृष्णा, तुझमें जग रमे।
(Outro)
हरि तेरी कृपा जो बरसे,
सबका जीवन सुधर जाए।
हे वासुदेव, तेरा ध्यान करूं,
तू हर मन में बस जाए।
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