[Intro]
चले चलो, चलते हैं हम,
रात की गोद में, तुम हो और मैं हूँ!
[Verse 1]
सड़कें हैं सुनसान, चमकते हैं तारे,
घर तुम्हारा, घर मेरा, जब संग हैं सारे।
लहराते हैं ख्वाब, दिलों की धड़कन में,
चुंबन के मोड़ पर, हम हैं अग्नि के सर्प में।
[Pre-Chorus]
हवा में है जूनून, तुम हो मेरी कารवां,
हर लम्हा है रंगीन, जैसे हो ये जुर्माना।
तारे झिलमिलाते, चाँद मुस्कुराए,
तुम्हारी बाहों में, जहां सब बिखराए।
[Chorus]
हंसते-खेलते, तुम संग मैं,
रात का हर पल, हो दिलकश में।
बीती रातें, हों जैसे ख्वाब,
तुम मेरी चाहत, मैं तुम्हारा आब।
[Verse 2]
तेरे साथ मिलकर, मैंने पाए नए रंग,
वेग में बहते, जैसे जंगली तरंग।
चुपके से छूना, जैसे हो खुशी की लहर,
तेरा मेरा साज, जैसे फूलों की मकरंद भरे।
[Pre-Chorus]
तुम मेरी जलती हुई शमा, मैं हूँ तुम्हारी लौ,
तेरे बिना है ख़ामोशी, मुझमें कोई न हो।
हर चुम्बन की बौछार, चलती है लहरों में,
हम एक-दूसरे का संग, जैसे जादू की नजरों में।
[Chorus]
हंसते-खेलते, तुम संग मैं,
रात का हर पल, हो दिलकश में।
बीती रातें, हों जैसे ख्वाब,
तुम मेरी चाहत, मैं तुम्हारा आब।
[Bridge]
तुम हो मेरी अदाओं का राज़,
हर नगमा तुमसे ही है, हर साज़।
खुद को खो दूं, तुम्हारे इस साथ में,
सपने बुनते चलें, और बढ़ते अगली बात में।
[Outro]
हवा में फिर लगेगा, संग तेरे मेरा धड़कना,
इस रोशनी में, मैं तेरा जादू ढूँढना।
लपेट लूं तुझे इस पवित्र रात में,
रुद्राक्ष के सपनों में, फिर उसके साथ में!