(अंतरा 1)
तेरी हँसी में जो सुकून था,
वो अब किसी में नहीं मिलता।
तेरे बिना ये दिल कहता है,
हर लम्हा बस तुझको ढूँढता।
(मुखड़ा)
तेरे बिना अब लगता नहीं,
दिन भी अधूरा, रातें सुनी।
तेरी यादों का सहारा है,
पर तू ही तो ज़रूरी थी।
(अंतरा 2)
कभी जो ख्वाबों में आते थे,
वो लम्हे अब खामोश हैं।
तेरी बातें जो दिल में थीं,
वो अब भी बरक़रार हैं।
(मुखड़ा)
तेरे बिना अब लगता नहीं,
साँसें चलती हैं बस यूँही।
दिल को समझाऊँ बार-बार,
फिर भी तू याद आती है।
(ब्रिज)
शायद वक़्त भर देगा ये फ़ासला,
पर दिल मानता नहीं।
हर मोड़ पे बस तू ही है,
ज़िंदगी कोई और नहीं।
(आउट्रो)
तेरे बिना अब लगता नहीं,
तेरे बिना अब लगता नहीं... 🌙