माँ तेरी ममता का साया, हर दुख को हर लेता है
तेरी बाहों का बिस्तर, हर दर्द को भर देता है
तेरी लोरी में जो सुकून था, वो आज भी महसूस होता है
तेरी आँखों की दुआओं में, हर सपना मेरा रोशन होता है
तेरी ममता का दरिया, हर ग़म को बहा देता है
तेरी हँसी की रोशनी, अंधेरों को मिटा देता है
जब गिरता हूँ, तू संभालती है, तेरी गोदी ही मेरी दुनिया है
तेरी ममता की ठंडी छाँव में, हर मौसम जैसे जन्नत सा है
तेरे बिना ये घर अधूरा है, तेरे बिना मैं भी अधूरा हूँ,
तू है तो हर दिन नया सा लगे, तू है तो हर सपना पूरा है
माँ, तेरा दिल समंदर जैसा, तेरी ममता अम्बर जैसी,
तेरे बिना मैं कुछ भी नहीं, तू ही मेरी दुनिया वैसी की वैसी
माँ, तेरा प्यार अमर रहेगा, हर जन्म में साथ रहेगा