[Verse]
अब और नहीं बस बहुत हुआ
हर बार सहा हर घाव सहा
अब तू भी सुन ये ग़ुस्से की गूँज
चिंगारी जली अब उठेगी धूँध
[Verse 2]
राख में छीना जो मेरा था
तेज हवाओं ने रस्ता बना
तूफ़ान से दोस्ती कर ली मैंने
अब डरने का हर रिश्ता तोड़ दिया
[Chorus]
ग़ुस्से की आग दिल में जली
झुकने का हर इरादा ढली
तू तेवर देख ये ज्वाला उठी
इस बार चैन की सांस नहीं मिली
[Verse 3]
हर चोट ने हौंसला बढ़ाया
हर दर्द ने मुक़ाम सिखाया
बेचैनियों ने पकड़ कर खींचा
आज़ाद अब ये जुनून दिखाया
[Bridge]
जब टूटते हैं सितारे कहीं
तब होते हैं इरादे सँभलते यहीं
अब न कोई माफ़ी मांगेगा
समय की लपटों से भागेगा कौन
[Chorus]
ग़ुस्से की आग दिल में जली
झुकने का हर इरादा ढली
तू तेवर देख ये ज्वाला उठी
इस बार चैन की सांस नहीं मिली