[अंतरा 1:]
रात ये हसीन और रौशन है, चाँद भी मुस्काए कहीं,
हवा में तेरी याद चल रही, ख्वाब मुझमें दबे पनाहें।
तारों की बारात खड़ी है, दिल की राहों में उजाला,
तेरे बिना भी ये पल कहे, तू है कहीं पास ही मुझको।
[कोरस:]
ओ रुनझुन सी ये रात, दर्द भी लगे मीठा सा,
तेरी हँसी की रोशनी में, मेरा दिल खो गया सा।
ओ रात ये हसीन और रौशन है, तेरे नाम की बात करे,
इन साँसों में तेरा गीत गूँजे, हर धड़कन तेरा साथ करे।
[अंतरा 2:]
सन्नाटों में तेरी पहलू, धड़कन से बात करूँ मैं,
साये तेरे बन के बहती शब, आँखों से रात सजाऊँ म
[अंतरा 1:]
रात ये हसीन और रौशन है, चाँद भी मुस्काए कहीं,
हवा में तेरी याद चल रही, ख्वाब मुझमें दबे पनाहें।
तारों की बारात खड़ी है, दिल की राहों में उजाला,
तेरे बिना भी ये पल कहे, तू है कहीं पास ही मुझको।
[कोरस:]
ओ रुनझुन सी ये रात, दर्द भी लगे मीठा सा,
तेरी हँसी की रोशनी में, मेरा दिल खो गया सा।
ओ रात ये हसीन और रौशन है, तेरे नाम की बात करे,
इन साँसों में तेरा गीत गूँजे, हर धड़कन तेरा साथ करे।
[अंतरा 2:]
सन्नाटों में तेरी पहलू, धड़कन से बात करूँ मैं,
साये तेरे बन के बहती शब, आँखों से रात सजाऊँ मैं।
जाने कितनी दास्ताँें, लबों पर आ कर ठहर जातीं,
तेरी हर एक मुस्कान ने फिर मेरे कलों को सजाया।
[ब्रिज:]
टूटा सा मन भर ले ये चाँदनी, फिर भी उम्मीद जगे,
छू लेने को तुझे आज भी, हर सिम्त हवा मचलते।
ये सफर थमा ना करे कभी, नाम तेरा हर साँस में रहे,
रात ये हसीन और रौशन है, तेरी परछाईं जैसे मेरे पास रहे।
[एंड (Outro):]
रात ये हसीन और रौशन है, चुपके से कहे नाम तेरा,
तेरी यादों की मशाल लिए, चलूँ मैं तेरी राहों पेfera.
(धीरे-धीरे फीका होते हुए —) रात ये हसीन और रौशन है...