पवित्र आत्मा, आ जा जीवन में मेरे,
सूनी राहों में भर दे तू उजियारे।
तेरे बिना सूना है मन का ये घर,
तेरे आने से ही है सब सुन्दर।
तू ही है शक्ति, तू ही है ज्ञान,
तेरे बिना सब कुछ है वीरान।
हर सांस में तेरा नाम हो बसा,
पवित्र आत्मा, मेरा तू सहारा।
जैसे अग्नि जले तो शुद्ध करे तू,
वैसे ही मेरे हृदय को गढ़ दे तू।
तेरा अभिषेक मुझे नयी दृष्टि दे,
तेरे ही स्वर में अब जीवन बहे।
तू ही है शक्ति, तू ही है ज्ञान,
तेरे बिना सब कुछ है वीरान।
हर सांस में तेरा नाम हो बसा,
पवित्र आत्मा, मेरा तू सहारा।
जहाँ तेरी आत्मा है, वहाँ है जीवन,
वहाँ है प्रेम, वहाँ है मिलन।
बाँध तू मुझे अपने वचनों में,
सदा रहूँ मैं तेरे चरणों में।
तू ही है शक्ति, तू ही है ज्ञान,
तेरे बिना सब कुछ है वीरान।
हर सांस में तेरा नाम हो बसा,
पवित्र आत्मा, मेरा तू सहारा।
तू ही है शक्ति, तू ही है ज्ञान,
तेरे बिना सब कुछ है वीरान।
हर सांस में तेरा नाम हो बसा,
पवित्र आत्मा, मेरा तू सहारा।