[इंट्रो]
ग्लोब घूमता है, कहानियाँ सामने आती हैं,
लीडर मिलते हैं, नई कहानियाँ सुनाई जाती हैं।
[Verce 1]
पुतिन के कदम ज़मीन पार करते हैं,
भारत खुले हाथों से उनका स्वागत करता है।
वादे फुसफुसाते हैं, भविष्य एक साथ आते हैं,
ताकत के इस खेल में, सितारे आपस में जुड़ते हैं।
[Pre-Chorus]
नज़र क्षितिज, डॉक और आसमान पर,
बदलाव आ रहा है, सच छिपा हुआ है।
डिप्लोमेसी का एक डांस, शांत और ज़ोरदार,
एक देश की आवाज़ें, गर्व से भरी और बिना झुके।
[Chorus]
जब बड़े लोग चलते हैं, तो दुनिया पास से देखती है,
समय के वो पल जो हमारे साल को बनाते हैं।
ग्लोबल स्टेज पर बनी दोस्ती,
एक नया चैप्टर, पन्ना दर पन्ना।
[Bridge]
रैली और रैलियाँ, उम्मीदें जलती हैं,
लीडर मिलते हैं, दिन-रात। परछाइयों में, फ़ैसले छिपे थे,
कल की सुबह, एक ज़्यादा रोशन दिन।
[आउट्रो]
दिल्ली की सड़कों से लेकर दूर समंदर तक,
इतिहास लिखा जा रहा है, आराम से।
बदलाव आ रहा है, तेज़ और शानदार,
हर हाथ मिलाने के साथ, एक नई ज़मीन।