तेरी महक से महकता है ये दिल,
तेरे बिना अधूरी है हर ग़ज़ल।
तेरी आँखों की गहराई में डूबा हूँ मैं,
तेरे इश्क़ की लहरों में झूमा हूँ मैं।
तेरे लबों की मुस्कान है जादू सा,
तेरे साथ हर पल है आबादू सा।
तेरी यादों के साये में जीता हूँ मैं,
तेरे ख़्वाबों के दरिया में बहता हूँ मैं।
तेरे नाम की रौशनी से जगमगाता है दिल,
तेरे इश्क़ की किरणों से नहाता है दिल।
तेरे बिना ये जहाँ अधूरा लगता है,
तेरे साथ हर लम्हा पुरा लगता है।
तेरी महक से महकता है ये दिल,
तेरे बिना अधूरी है हर ग़ज़ल।