

Prompt / Lyrics
सूरज की किरणों की सी सुनहरी है मेरी मुहोब्बत, दिए में जलती लौ के जैसी कोमल सी है मेरी मुहोब्बत ।। सूरज की किरणों की सी सुनहरी है मेरी मुहोब्बत... गुड़ियों सी है वो चंचल प्यारी सी है मेरी मुहोब्बत, गुलाब की पंखुड़ियों सी मखमली है मेरी मुहोब्बत ।। Hmmm... और क्या बतलऊँ तुम्हे मैं दोस्तों बस इतना समझलो, मेरी मुहोब्बत है मेरी बस यही है मेरी मुहोब्बत ।। मेरी मुहोब्बत haan मेरी मुहोब्बत ।। hoooo...
Tags
jazz, male, violin, aucostic guitar, Feel Good
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No
2/28/2026