आ——जा, आ भी जा, हो——— आ, तू आ भी जा।
इंतजार कर रहा हूं, कि एक दिन तुम आओगी,
सुनसान राहों में बहारें— संग लाओगी।
जो अधूरी है कहानी, वो मुकम्मल कर जाओगी,
मुस्कान से अपनी—खुशियां– मेरी लौटाओगी।
तुम्हारे बिना ये— दिल, खाली-खाली है,
तुम्हारे बिना— राहें—मेरी— वीरानी हैं।
मगर, उम्मीद है बाकी अभी , कभी तो तुम आओगी,
इंतजार कर रहा हूं, कि एक दिन तुम आओगी।
यादें तुम्हारी — हर पल मेरे साथ चलती हैं,
इन—आसुओं की बारिशें, सुन लो क्या अब कहती हैं।
परछाई भी तुम्हारी, अब मेरे पास नहीं,
दिल को पता है मेरे, तुमको एहसास नहीं।
जो किया था वादा तुमने, वो निभाओगी क्या?
जो बनाया था घर हमने, वो सजाओगी क्या?
फिर से वही शाम, फिर से वही चांदनी,
भर के दामन में, उम्मीदें सारी लौटाओगी- क्या ?
इंतजार कर रहा हूं, कि सूरज निकलेगा,
जो अंधेरा—छुपा है, रौशनी बन के चमकेगा।
तुम्हारे आने की खुशबू , कभी तो फिज़ा में मेहकेगी,
मेरी दुआओं की आहट, कभी तो खुदा तक पहुंचेगी
हो———हो———आहा ऊ——
तुम्हारे बिना ये दिल खाली-खाली है,
तुम्हारे बिना— राहें—मेरी वीरानी हैं।
मगर, उम्मीद है बाकी अभी , कभी तो तुम आओगी,
इंतजार कर रहा हूं, कि एक दिन तुम आओगी।