[Verse 1]
छोटे से कमरे में, चुप सी दीवारें,
कभी थे जहाँ सपने, अब हैं बस साए।
हँसी की जो गूँज थी, वो भी थम गई,
कहाँ खो गया मैं, कहाँ रह गई।
[Chorus]
यादें रह गईं, बस यादें रह गईं,
आवाज़ें सब थमीं, पर सिसकियाँ कह गईं।
दिल ने जो चाहा था, आँखें वो देख न पाईं,
कुछ अधूरी कहानियाँ, पीछे छूट आईं।
[Verse 2]
आईने में चेहरा, अब अजनबी सा है,
जो था कभी अपना, अब वो ही डर सा है।
सवालों की लकीरें, जवाबों में नहीं,
हर तस्वीर धुंधली, हर मुस्कान कहीं।
[Chorus - Reprise]
यादें रह गईं, बस यादें रह गईं,
वक़्त की ठहरी सी, नदियाँ बह गईं।
मैं हूँ या परछाई, ये भी न समझ पाए,
कुछ टूटी हुई चीखें, ख़ामोशी में समाई।
[Outro - Whispered]
वो जो था कभी, अब नहीं रहा,
साया जो पीछे था... अब साथ चला।